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बढ़ने वाली है कांग्रेस की मुश्किलें क्योंकि सीबीआइ के हाथ लगी है एक ऐसी डायरी

अगुस्ता वेस्टलैंड मामले में सीबीआइ के हाथ में एक ऐसी डायरी आ गई है जिसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेसी नेताओं की मुश्किले बढ़ सकती हैं.

बताया जाता है सीबीआइ को जो दस्तावेज इटली से मिले हैं उसमें एक डायरी भी है. इस डायरी में राजनीति से जुड़े हए कुछ लोगों के नाम हैं. संभावना है कि जल्द ही वे लोग सीबीआइ की जांच के दायरे में आने वाले हैं.

गौरतलब है कि वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों के सौदों में कथित घूसखोरी के मामले से जुड़े अगुस्ता वेस्टलैंड केस की सीबीआइ जांच में हाल में काफी तेजी आई है. खबर है कि पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले से जुड़े राजनेताओं की जांच की बारी है.

बताते चलें कि सीबीआइ को इटली से जो जानकारी मिली है उसे वह 166 सीआरपीसी के तहत सबूत के तौर पर इस्तेमाल करेगी.

इस खबर से कांग्रेस परेशान हो सकती है, क्योंकि पार्टी के कुछ नेताओं के नाम भी इस मामले से जुड़ चुके हैं.

माना जा रहा है कि सीबीआइ ने जांच का दायरा राजनेताओं तक बढ़ाने के लिए रजामंदी दे दी है. यदि ऐसा हुआ तो कांग्रेस के शीर्ष नेताओं जिनमें कि उसकी अध्यक्षा सोनिया गांधी पर भी उंगली उठ रही है, मुश्किल में पड़ सकती हैं.

आपको बता दें कि वीवीआईपी हेलिकॉप्टर अगुस्ता वैस्टलैंड मामले में सोनिया गांधी के अलावा उनके राजनीतिक सलाहकार और कांग्रेस नेता अहमद पटेल के नाम की भी चर्चा है. हालांकि अहमद पटेल अपने नाम को लेकर सफाई दे चुके हैं. वहीं दूसरी ओर जानकारों का कहना है कि यदि मामले में जांच की बात आएगी तो उसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी पूछताछ हो सकती है, क्योंकि वीवीआईपी हेलिकॉप्टर के सौदे को मंजूरी देने में रक्षा मंत्री के साथ प्रधानमंत्री की भी भूमिका होती है.

गौरतलब है कि जिस डायरी में कथित तौर पर कांग्रेसी नेताओं का नाम होने की बात की जा रही है, वो इटली की अदालत ने सीबीआइ को सौंपी है. वहीं इस मामले में सीबीआइ का कहना है कि वो पूछताछ के लिए नेताओं को बुलाने से पहले डायरी के तथ्यों की पुष्टि कर रहा है.

आप को बता दे कि पिछले महीने अगुस्ता केस में सीबीआइ जांच ने अचानक से रफ्तार पकड़ी है. जिस समय पूरा विपक्ष नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री के खिलाफ एकजुट हो रहा था उस समय अचानक से यह मामला सामने आने के बाद कांग्रेस बैकफुट पर आ गई है. वहीं उसको समर्थन दे रहे वामपंथी दलों ने भी कांग्रेस से दूरी बना ली है.

दरअसल, जब से राकेश अस्थाना ने सीबीआइ निदेशक निदेशक का अतिरिक्त चार्ज संभाला है उसके एक हफ्ते के भीतर ही अगुस्ता वेस्टलैंड के कथित आरोपी पूर्व सेना प्रमुख एसपी त्यागी और दो अन्य आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए. हाल ही में दो तृणमूल सांसद भी गिरफ्तार किए गए.

सीबीआइ जिस प्रकार भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में राजनीति पहले अधिकारियों और अब राजनीतिक लोगों पर हाथ डाल रही है. उसको देखते हुए यही कयास लगाए जा रहे हैं आने वाले दिनों में अगुस्ता वेस्टलैंड मामले में भी राजनीतिक लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है.

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