Flipkart
News

आखिर क्यों भारत का नाम भूखे देशों की सूची में है

Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

नई दिल्ली। दुनिया के देशों के बीच भारत की छवि एक ऐसे मुल्क की है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। लेकिन तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाले इस देश की एक सच्चाई यह है कि यहां के बच्चे भुखमरी के शिकार हैं। 12 अक्टूबर को जारी की गई ग्लोबल हंगर इंडेक्स (जीएचआई) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में भुखमरी से प्रभावित देशों की संख्या 118 है और भारत का नाम इसमें 97वें नंबर पर है।

जीएचआई अपनी रिपोर्ट बनाने के लिए बहुआयामी पैमानों पर सूचनाओं को एकत्रित करता है और गहन विश्लेषण के बाद इसे जारी किया जाता है। ताजा रिपोर्ट परेशान करने वाली इसलिए भी है क्योंकि भारत का स्थान सीरियस सेक्शन में है। यानी भुखमरी के बदतर हालात। एक ऐसा देश जो अगले एक दशक में दुनिया के सर्वाधिक प्रभावशाली व ख्यात मुल्कों में सूची में शामिल हो सकता है, वहां से ऐसे आंकड़े सामने आना, बेहद चिंतनीय माना जा रहा है। ऐसा नहीं है कि भुखमरी और कुपोषण से केवल भारत ही पीड़ित है, बल्कि हमारा परमाणु प्रतिद्वंद्वी पड़ोसी देश पाकिस्तान के हालात तो हमसे भी बदतर हैं।

पाकिस्तान को इस सूची में 107वां स्थान मिला है, जो वहां की आवाम और नेताओं की परेशानी पर बल लाने के लिए काफी है। सबसे ज्यादा आबादी वाला देश चीन भी इस सूची से स्वयं को बचा नहीं पाया है। चीन को ग्लोबल हंगर इंडेक्स की लिस्ट में 20वें नंबर पर रखा गया है। केंद्रीय अफ्रीकी गणराज्य, चैड, जाम्बिया और अर्जेंटीना का नाम भी भुखमरी की इस लिस्ट में शामिल है। भारत के दूसरे पड़ोसी देशों की हालात ज्यादा अच्छी है क्योंकि इंडेक्स में उनके नाम भारत से पहले हैं। हमारा पड़ोसी देश नेपाल 72वें नंबर है जबकि म्यांमार 75वें, श्रीलंका 84वें और बांग्लादेश 90वें स्थान पर है। क्या है ग्लोबल हंगर इंडेक्स इस इंडेक्स रिपोर्ट में बताया जाता है कि दुनिया के अलग-अलग देशों में वहां के नागरिकों को खाने-पीने की सामग्री कितनी और कैसी मिलती है।

Also Read  Find Out The Gst Rate For Over 1,300 Goods And Services

‘ग्लोबल हंगर इंडेक्स’ हर साल ताजा आंकड़ों के साथ जारी किया जाता है। इसमें विश्व भर में भूख के खिलाफ चल रहे अभियान की उपलब्धियों और नाकामियों को दर्शाया जाता है। इस तरह के सर्वेक्षण की शुरुआत इंटरनेशनल फ़ूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट ने की और वेल्ट हंगरलाइफ नामक एक जर्मन स्वयंसेवी संस्थान ने इसे सबसे पहले वर्ष 2006 में जारी किया था। वर्ष 2007 से इस अभियान में आयरलैंड का भी एक स्वयमसेवी संगठन शामिल हो गया। लब्बोलुआब ये है जिस देश का नाम ‘ग्लोबल इंडेक्स स्कोर’ में ज्यादा है उस देश में भूख की समस्या उतनी ही अधिक होती है। लेकिन जिस देश का स्कोर कम है, वहां की स्थिति कमोबेश बेहतर मानी जाती है। उदाहरण के लिए दक्षिण एशिया में नेपाल को 72वां नंबर मिला है, जबकि भारत को 97वां। तो इसका मतलब हुआ कि भारत की स्थिति नेपाल से भी खराब है। पढ़ेंः लंबे समय तक सेक्स से इनकार हो सकता है तलाक का बड़ा आधार: हाइकोर्ट

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.
Power Bank
Loading...
Power Bank
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Comment moderation is enabled. Your comment may take some time to appear.

Power Bank
To Top